राजस्थान में किसानों का जमीं में गढ़े खोदकर अंदर बेठना,
एक दो दिन नहीं, पिछले कई दिनों से,
आपके विचार क्या है,
या तो किसान पागल है,
या तो किसान के पास काम नहीं है,
या तो किसान किसी पार्टी का समर्थन कर रहे हैं,
या तो किसान राजनीति कर रहा है,
या तो किसान गलत हैं,
राजस्थान सरकार इस बात पर भी चुप क्यों हैं?
यदि किसान गलत हैं, तो बोल देना चाहिए,
सही है तो, उनकी मांगों को मान लिया जाए,
देश का कोई नागरिक यदि कोई मांग कर रहा हैं, सब लोग जान रहे हैं कि राजस्थान में किसानों का धरना जारी हैं,
यहां तक कि प्रधानमंत्री तक सबको पता है,
फिर भी सब चुप है,
अपनें अगले चुनाव के लिए तैयार हो रहें हैं,
मानवाधिकार आयोग के लोग भी चुप हैं,
आदमी अपना शरीर जमीन के अंदर रखने से, उनके शरीर में कितनी बिमारियों को मौका मिलता हैं,
इंसानियत के नाते तो, एक बार उन्हें जमीन से बाहर आने का मौका दो,
बाहर निकालने पर तुले हो, इसलिए तो किसान मजदूरी छोड़ कर जमीन पकड़ कर बैठे हैं,
उनके भी बाल बच्चों को भूख लगती हैं,
यह ब्लॉग कुछ सामाजिक कार्य , मनोरंजन, आर्थिक रूप और जीवन में भागीदार हैं सामाजिक विचारों का दर्पण दिखाने का प्रयास किया है हिंदी को महत्व देते हुए, धर्म और कर्म की ओर आप सभी दोस्तों के लिए मार्गदर्शन हों ।
शनिवार, अक्टूबर 21, 2017
किसान भूमि सत्याग्रह ?
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